रणबीर कपूर की 'रामायण' टीम पर 'महाकाव्य' के प्रोड्यूसर का सनसनीखेज आरोप: बोले- हमारी फिल्म के खिलाफ करवाई नेगेटिव पीआर

रणबीर कपूर की 'रामायण' टीम पर 'महाकाव्य' के प्रोड्यूसर का सनसनीखेज आरोप: बोले- हमारी फिल्म के खिलाफ करवाई नेगेटिव पीआर

भारतीय सिनेमा में इन दिनों पौराणिक और ऐतिहासिक गाथाओं को बड़े पर्दे पर उतारने की होड़ मची हुई है। एक तरफ जहां निर्देशक नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही मेगा बजट फिल्म 'रामायण' (जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में हैं) को लेकर जबरदस्त चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय महाकाव्यों पर आधारित एक अन्य महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'महाकाव्य' के निर्माता ने रणबीर कपूर की फिल्म की पीआर और मार्केटिंग टीम पर बेहद सनसनीखेज आरोप जड़ दिए हैं। 'महाकाव्य' के प्रोड्यूसर का दावा है कि उनकी फिल्म की घोषणा और हाइप को दबाने के लिए 'रामायण' से जुड़ी टीम ने सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर 'नेगेटिव पीआर' और दुष्प्रचार अभियान (Smear Campaign) चलवाया है।

इस बड़े आरोप के सामने आते ही बॉलीवुड के गलियारों में हड़कंप मच गया है। पौराणिक विषयों पर बनने वाली दो बड़ी फिल्मों के बीच इस तरह के सीधे टकराव ने फिल्म इंडस्ट्री में 'कॉरपोरेट वॉर' और सोशल मीडिया मैनिपुलेशन के काले खेल को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।

'हमारी फिल्म की हाइप से डर गई रामायण की टीम': प्रोड्यूसर का तीखा हमला

'महाकाव्य' के निर्माता ने एक साक्षात्कार में अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि जब उन्होंने अपने प्रोजेक्ट का पहला लुक और आधिकारिक घोषणा की थी, तो दर्शकों और फिल्म विश्लेषकों की तरफ से उसे अप्रत्याशित और शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। लेकिन इसके ठीक बाद इंटरनेट पर अचानक उनके प्रोजेक्ट के बजट, कास्टिंग और विजुअल इफेक्ट्स को लेकर एक संगठित तरीके से फर्जी प्रोफाइल्स और बॉट्स के जरिए नकारात्मक नैरेटिव फैलाया जाने लगा।

निर्माता का आरोप है कि इस पूरी दुर्भावनापूर्ण मुहिम के पीछे नितेश तिवारी की 'रामायण' से जुड़ी डिजिटल एजेंसी और मार्केटिंग रणनीतिकारों का हाथ है। उनका कहना है कि प्रतिद्वंद्वी टीम को यह डर सताने लगा था कि यदि 'महाकाव्य' को दर्शकों का इसी तरह भारी समर्थन मिलता रहा, तो उनकी फिल्म का आकर्षण कम हो सकता है। प्रोड्यूसर ने दावा किया कि उनके पास कुछ ऐसे डिजिटल ट्रेल और सबूत हैं, जो यह साबित करते हैं कि किस तरह कुछ खास पीआर एजेंसियों को उनकी फिल्म के खिलाफ मीम्स और ट्रोलिंग कंटेंट बनाने के लिए फंड किया गया था।

क्या सच में चल रहा है बॉलीवुड में 'नेगेटिव मार्केटिंग' का खेल?

बॉलीवुड में किसी बड़े प्रोजेक्ट की रिलीज या घोषणा के वक्त विरोधी फिल्मों द्वारा 'डर्टी पीआर' (Dirty PR) का सहारा लेने की बातें पहले भी दबी जुबान में कही जाती रही हैं, लेकिन इस बार खुलेआम नाम लेकर आरोप लगाए जाने से विवाद गहरा गया है। सिनेमा विशेषज्ञों के अनुसार, जब 500 से 800 करोड़ रुपये के विशाल बजट वाले प्रोजेक्ट्स दांव पर लगे होते हैं, तो बॉक्स ऑफिस और डिजिटल स्पेस पर एकाधिकार जमाने के लिए कंपनियां अक्सर आक्रामक रणनीतियां अपनाती हैं।

फिल्म इंडस्ट्री के विश्लेषकों का मानना है कि रणबीर कपूर की 'रामायण' पहले से ही देश की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शुमार है। फिल्म में यश (रावण) और सनी देओल (हनुमान) जैसे पैन-इंडिया सितारे शामिल हैं। ऐसे में 'रामायण' जैसी विशालकाय फ्रेंचाइजी को किसी अन्य फिल्म के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार करने की भला क्या जरूरत होगी? कई समीक्षकों का यह भी तर्क है कि 'महाकाव्य' के मेकर्स अपनी फिल्म को लाइमलाइट और मुफ्त की पब्लिसिटी दिलाने के लिए जानबूझकर इतने बड़े प्रोजेक्ट के साथ अपना नाम जोड़ रहे हैं।

'रामायण' की टीम की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

इस पूरे विवाद और गंभीर आरोपों पर अब तक नितेश तिवारी, नमित मल्होत्रा या 'रामायण' के आधिकारिक प्रवक्ताओं की तरफ से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद, हास्यास्पद और केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का स्टंट करार दिया है। सूत्रों का कहना है कि 'रामायण' की टीम पूरी तरह से अपनी शूटिंग, वीएफएक्स (VFX) और कंटेंट की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रही है और उन्हें किसी अन्य प्रोजेक्ट को नीचा दिखाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

दर्शकों और प्रशंसकों का कहना है कि भगवान राम और भारतीय संस्कृति के गौरवशाली इतिहास पर बनने वाली सभी फिल्मों का स्वागत होना चाहिए, न कि उनके बीच किसी प्रकार की ईर्ष्या या द्वेष का माहौल बने।

सोशल मीडिया पर बंटी फैंस की राय

निर्माता के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और रेडिट पर नेटिजन्स दो खेमों में बंट गए हैं। रणबीर कपूर के फैंस ने 'महाकाव्य' के निर्माता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे रणबीर और उनकी टीम की बेदाग छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि वर्तमान दौर में डिजिटल एजेंसियों द्वारा पेड ट्रोलिंग और आर्टिफिशियल बॉट्स का इस्तेमाल कर प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाना एक कड़वी हकीकत है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि क्या यह विवाद कानूनी नोटिस तक पहुंचता है या फिर सोशल मीडिया की बहसों तक ही सिमट कर रह जाता है।