काजी तौकीर पहले भी कर चुके हैं 'बिग बॉस' जैसा रियलिटी शो, सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती थे होस्ट

काजी तौकीर पहले भी कर चुके हैं 'बिग बॉस' जैसा रियलिटी शो, सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती थे होस्ट

रियलिटी टीवी और संगीत की दुनिया में जब भी 2000 के दशक के सबसे चर्चित चेहरों की बात होती है, तो कश्मीर के खूबसूरत गायक काजी तौकीर का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। साल 2005 के मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो 'फेम गुरुकुल' के विजेता बनकर रातों-रात देश भर में सनसनी मचाने वाले काजी तौकीर अपनी अनोखी गायकी, हेयरस्टाइल और चार्मिंग अंदाज के लिए जाने जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को यह बात याद है कि काजी तौकीर ने केवल सिंगिंग शोज़ में ही अपना हुनर नहीं आजमाया, बल्कि वे कई साल पहले 'बिग बॉस' के बिल्कुल समान फॉर्मेट वाले एक बड़े और हाई-ड्रामा कंट्रोवर्शियल रियलिटी शो का भी अहम हिस्सा रह चुके हैं।

उस दौर में जब टेलीविजन पर रियलिटी शोज़ का नया ट्रेंड शुरू हो रहा था, एक चैनल ने 'बिग बॉस' की तर्ज पर सेलेब्रिटीज को एक छत के नीचे बंद कर 24 घंटे कैमरों की निगरानी में रखने का बड़ा दांव खेला था। इस शो की सबसे बड़ी यूएसपी यह थी कि इसके होस्ट कोई और नहीं, बल्कि हिंदी और बंगाली सिनेमा के 'महागुरू' और तीन बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती थे।

'बिग टॉस': कैमरों की कैद में जब पहुंचे थे काजी तौकीर

साल 2009-2010 के आसपास इंडिया टीवी पर एक रियलिटी शो शुरू हुआ था जिसका नाम था 'बिग टॉस' (Big Toss)। इस शो का फॉर्मेट पूरी तरह से 'बिग बॉस' जैसा ही था—सेलेब्रिटीज का एक घर में बंद रहना, हर हफ्ते नॉमिनेशन, टास्क और दर्शकों के वोटों के आधार पर एलिमिनेशन। काजी तौकीर को इस शो में एक सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट के रूप में लाया गया था।

काजी ने 'फेम गुरुकुल' के बाद अपनी इस दूसरी रियलिटी पारी में भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। शो के भीतर उनके नखरे, ड्रामा और बाकी घरवालों के साथ उनकी नोकझोंक दर्शकों के लिए भरपूर मनोरंजन का जरिया बनी थी। हालांकि, दर्शकों के बीच जबरदस्त फैन-फॉलोइंग होने के बावजूद काजी इस शो के फिनाले तक तो पहुंचे, लेकिन विजेता की ट्रॉफी अपने नाम करने से चूक गए थे।

सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती का बेबाक अंदाज और 'महागुरू' का रोल

इस शो की टीआरपी और चर्चा की सबसे बड़ी रीढ़ अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती थे। मिथुन दा ने वीकली एपिसोड्स में घरवालों की क्लास लगाने और फैसले सुनाने का जिम्मा संभाला था। उनका ट्रेडमार्क डायलॉग और तीखा, बेबाक अंदाज शो की जान था। जब भी घर के सदस्य अनुशासन तोड़ते या आपस में अभद्र भाषा का प्रयोग करते, मिथुन चक्रवर्ती अपने जाने-पहचाने सख्त मिजाज से उन्हें फटकार लगाते थे।

काजी तौकीर के साथ भी मिथुन चक्रवर्ती की कई दिलचस्प बातचीत शो के दौरान देखने को मिली थी। मिथुन दा अक्सर काजी के लापरवाह रवैये पर उन्हें टोकते भी थे और एक बड़े भाई या गार्जियन की तरह उन्हें खेल में संयम बरतने की सीख भी देते थे। दर्शकों को मिथुन दा का यह होस्टिंग अवतार बेहद पसंद आया था।

किसने जीती थी विनर की ट्रॉफी?

विवादों, ड्रामे और भारी हंगामे के बीच जब यह शो अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा, तो दर्शकों की निगाहें विजेता पर टिक गई थीं। घर के भीतर कई मजबूत प्रतियोगी मौजूद थे, लेकिन सबको पछाड़ते हुए मशहूर मॉडल और टीवी एक्ट्रेस राखी सावंत की मां जया सावंत और अन्य चर्चित चेहरों को पछाड़कर टीवी जगत के जाने-पहचाने चेहरे और अभिनेता गौरी प्रधान / अश्मित पटेल जैसे नामों के बीच मुकाबला रोमांचक रहा था। शो के अंतिम पलों में पब्लिक वोट्स के आधार पर इस अनोखे शो के विनर का खिताब एक मजबूत दावेदार ने अपने नाम किया, जबकि काजी तौकीर रनर-अप की दौड़ में काफी करीब रहकर बाहर हुए।

काजी तौकीर ने बाद में बातचीत के दौरान स्वीकार किया था कि बंद कमरे के रियलिटी शोज़ में इंसान के सब्र का सबसे बड़ा इम्तिहान होता है। गायकी के मंच से हटकर इस तरह के शोज़ में बने रहना और मानसिक दबाव झेलना किसी भी कलाकार के लिए आसान नहीं होता। मिथुन चक्रवर्ती के साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने अपने करियर का एक यादगार सफर बताया था।