कांग्रेस के दिग्गज नेता की जमीन हथियाने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा: मां का नाम बदला, बनवाई नकली वसीयत

कांग्रेस के दिग्गज नेता की जमीन हथियाने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा: मां का नाम बदला, बनवाई नकली वसीयत

उत्तर प्रदेश में भूमाफियाओं और जालसाजों के दुस्साहस का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ की पुश्तैनी संपत्ति को हड़पने के लिए दस्तावेजों में भारी हेराफेरी कर दी गई। जालसाजों ने न केवल कमलनाथ के पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) और अपंजीकृत जाली वसीयत तैयार करवाई, बल्कि राजस्व अभिलेखों में उनकी मां तक का नाम बदल डाला।

मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी और संबंधित क्षेत्र के लेखपाल की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

बिजनौर के नजीबाबाद में 90 बीघा पुश्तैनी जमीन: ऐसे खुला पूरा खेल

मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नजीबाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव अमीखानपुर का है।

  • बटाई पर थी 26 बीघा जमीन: कमलनाथ के परिवार की अमीखानपुर में लगभग 90 बीघा पुश्तैनी जमीन है। इसमें से करीब 26 से 36 बीघा जमीन बटाई पर दी गई थी, जिसकी देखरेख स्थानीय बटाईदार ही करता था। परिवार के नियमित रूप से न आने के कारण स्थानीय भूमाफियाओं ने इस बेशकीमती जमीन को निशाने पर ले लिया।

  • वसीयत दर्ज कराने पहुंचे तो हुआ खुलासा: जब पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे ने पारिवारिक वसीयत और उत्तराधिकार अभिलेखों को दुरुस्त कराने के लिए नजीबाबाद तहसील में आवेदन दिया, तब राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान पता चला कि किसी अन्य पक्ष द्वारा पहले से ही जमीन पर मालिकाना हक का फर्जी दावा ठोका जा चुका है।

मां का नाम बदला, पिता की मौत की तारीख में भी फर्जीवाड़ा

एफआईआर के मुताबिक, जालसाजों ने जमीन हड़पने के लिए बेहद शातिराना योजना बनाई थी:

  • जाली मृत्यु प्रमाण पत्र: आरोपियों ने कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाया, जिसमें उनके निधन की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्शाई गई, जबकि वास्तव में उनका निधन 7 सितंबर 2004 को हुआ था।

  • मां का नाम भी बदला: जाली दस्तावेजों और फर्जी वसीयत में महेंद्र नाथ की पत्नी (कमलनाथ की माता) का नाम 'प्रेमलता' दर्ज कर दिया गया, जो पूरी तरह मनगढ़ंत और गलत था।

  • तहसीलदार के सामने पेश की फर्जी वसीयत: आरोपी धर्मपाल सिंह ने नजीबाबाद में तहसीलदार के समक्ष यह जाली वसीयत पेश कर जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) अपने नाम कराने की साजिश रची थी।

लेखपाल समेत 4 पर मुकदमा, 2 गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक (SP) के अनुसार, इस संगठित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है:

  1. धर्मपाल सिंह (मुख्य साजिशकर्ता)

  2. जसबिंदर सिंह ढिल्लों

  3. विजय शंकर पांडे

  4. डेविड कुमार (हल्का लेखपाल)

पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या राजस्व विभाग के इस सिंडिकेट ने इलाके में अन्य गैर-निवासी या वीआईपी जमीन मालिकों की संपत्तियों पर भी इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जा करने का प्रयास किया था।