यूपी के ग्राम प्रहरियों को मुख्यमंत्री योगी की डबल सौगात: मानदेय में बढ़ोतरी के साथ मिलेगा ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की सबसे जमीनी और बुनियादी कड़ी के रूप में काम करने वाले ग्राम प्रहरियों (गांव के चौकीदारों) के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से आर्थिक तंगी और सामाजिक सुरक्षा के अभाव से जूझ रहे ग्राम प्रहरियों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने 'डबल सौगात' की घोषणा की है। सरकार ने ग्राम प्रहरियों के मासिक मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक के सालाना कैशलेस मुफ्त इलाज की सुविधा से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के 75 जिलों में तैनात लगभग 70 हजार से अधिक ग्राम प्रहरियों और उनके परिजनों को सीधा लाभ मिलेगा।
पुलिस प्रशासन की 'तीसरी आंख' हैं ग्राम प्रहरी
उत्तर प्रदेश के सुदूर गांवों और कस्बों में ग्राम प्रहरी स्थानीय थानों और पुलिस प्रशासन के लिए सूचना का सबसे पहला और विश्वसनीय स्रोत होते हैं। गांव में होने वाले किसी भी विवाद, संदेहास्पद गतिविधि, त्योहारों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति या प्राकृतिक आपदा के समय ग्राम प्रहरी सबसे पहले सक्रिय होते हैं। बेहद कम मानदेय के बावजूद वर्दी और लाठी के सहारे रात-रात भर पहरा देने वाले इन प्रहरियों की मांग थी कि बढ़ती महंगाई के दौर में उनके मानदेय की समीक्षा की जाए और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा का प्रबंध किया जाए।
पहली सौगात: मासिक मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि
अब तक ग्राम प्रहरियों को मिलने वाला मानदेय काफी सीमित था, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग ने मानदेय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रहरियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए बढ़ी हुई धनराशि सीधे भेजी जाएगी। इससे न केवल उनकी बुनियादी आर्थिक जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
दूसरी सौगात: ₹5 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज
मानदेय वृद्धि के साथ-साथ जो सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा दी गई है, वह है स्वास्थ्य सुरक्षा। राज्य सरकार ने सभी पात्र ग्राम प्रहरियों को 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' (आयुष्मान भारत की तर्ज पर संचालित राज्य योजना) के दायरे में लाने का फैसला किया है:
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गोल्डन कार्ड की सुविधा: प्रत्येक ग्राम प्रहरी और उनके आश्रितों के आयुष्मान/जन आरोग्य गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे।
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सालाना ₹5 लाख का कवर: किसी भी गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा।
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सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज: इस कार्ड के जरिए ग्राम प्रहरी प्रदेश के सभी संबद्ध सरकारी अस्पतालों और प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे।
साइकिल, वर्दी और पहचान पत्र के नवीनीकरण पर भी ध्यान
स्वास्थ्य और मानदेय के अलावा, पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के कप्तानों (एसपी/एसएसपी) को निर्देश जारी किए हैं कि ग्राम प्रहरियों को समय पर वर्दी भत्ता, टॉर्च, सीटी और साइकिल मरम्मत के लिए आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, थानों में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार और नियमित मासिक बैठकों में उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ग्रामीण इलाकों में खुशी की लहर
सरकार के इस दोहरे फैसले का ग्रामीण अंचलों में तैनात चौकीदारों और उनके संगठनों ने स्वागत किया है। ग्राम प्रहरियों का कहना है कि स्वास्थ्य बीमा मिलने से अब उन्हें इलाज के लिए कर्ज लेने या जमीन गिरवी रखने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की दिशा में इस कदम को बेहद प्रभावी माना जा रहा है।