यूपी पुलिस महकमे में फिर बड़ा फेरबदल: राजेश द्विवेदी समेत तीन वरिष्ठ आईपीएस अफसरों के तबादले
उत्तर प्रदेश की पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त, पारदर्शी और सक्रिय बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। शासन ने सोमवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए उनकी नई जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अलीगढ़ में 38वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजेश द्विवेदी, महानिदेशक मुख्यालय में प्रतीक्षारत डॉ. मनोज कुमार और यूपीएसआईएफएस के डीआईजी हेमराज मीना का तबादला किया गया है। पिछले कुछ दिनों के भीतर पुलिस महकमे में यह दूसरा अहम फेरबदल है, जिससे महकमे के अन्य अधिकारियों के बीच भी कार्यप्रणाली को लेकर हलचल तेज हो गई है।
गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक (DGP) मुख्यालय से जारी अधिसूचना के मुताबिक, शासन लगातार राज्य में कानून व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, पीएसी बलों के आधुनिकीकरण और आगामी चुनावी व प्रशासनिक तैयारियों को ध्यान में रखकर फील्ड और मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों की तैनाती कर रहा है। जिन तीन वरिष्ठ अफसरों का तबादला किया गया है, वे अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव और विभिन्न जिलों में कप्तानी व सुरक्षा विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सभी अधिकारी अविलंब अपनी नई जिम्मेदारियों का कार्यभार ग्रहण कर सकें।
राजेश द्विवेदी को चुनाव प्रकोष्ठ की अहम कमान: डीजीपी मुख्यालय में मिली नई जिम्मेदारी
2013 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश द्विवेदी को एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे अब तक अलीगढ़ में 38वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक (कमांडेंट) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। शासन ने उन्हें पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, लखनऊ में पुलिस अधीक्षक (SP) चुनाव प्रकोष्ठ के पद पर तैनात किया है। आगामी विधानसभा उपचुनावों और राज्य में भविष्य की बड़ी चुनावी सुरक्षा व्यवस्थाओं के समन्वय के मद्देनजर चुनाव प्रकोष्ठ की भूमिका बेहद संवेदनशील और तकनीकी मानी जाती है।
राजेश द्विवेदी इससे पहले उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में पुलिस कप्तान के रूप में कानून-व्यवस्था की कमान संभाल चुके हैं। उनके कार्यशैली की पहचान फील्ड में सख्त निगरानी और त्वरित निस्तारण की रही है। चुनाव प्रकोष्ठ के एसपी के तौर पर वे राज्य निर्वाचन आयोग और केंद्रीय चुनाव आयोग के साथ पुलिस महकमे के बीच मुख्य नोडल अधिकारी के रूप में सुरक्षा बलों की तैनाती, अतिसंवेदनशील बूथों की मॉनिटरिंग और आचार संहिता अनुपालन की निगरानी करेंगे।
डॉ. मनोज कुमार को पीएसी पश्चिमी जोन की कमान, हेमराज मीना बने डीआईजी सुरक्षा
स्थानांतरण सूची में 2006 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. मनोज कुमार का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। डॉ. मनोज कुमार लखनऊ स्थित पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर तैनात थे। शासन ने उन्हें अब पुलिस महानिरीक्षक (IG), पीएसी, पश्चिमी जोन, मुरादाबाद के पद पर नई तैनाती दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपात स्थितियों में सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती में मुरादाबाद पीएसी मुख्यालय की भूमिका काफी अहम मानी जाती है।
इसके साथ ही, 2012 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हेमराज मीना के कार्यक्षेत्र में भी बड़ा बदलाव किया गया है। वे अब तक उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPSIFS), लखनऊ में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के पद पर सेवाएं दे रहे थे। शासन ने उन्हें अब पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सुरक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। डीआईजी सुरक्षा के रूप में उन पर प्रदेश के वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा समीक्षा और अभिसूचना इनपुट के आधार पर सुरक्षा तंत्र को अभेद्य बनाए रखने का जिम्मा होगा।
एक सप्ताह के भीतर दूसरा बड़ा फेरबदल: पुलिस महकमे में हलचल
उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इससे ठीक पहले 22 सितंबर को शासन ने बड़े पैमाने पर 35 से अधिक आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए थे, जिनमें हाल ही में पदोन्नत हुए कई वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के पुलिस कप्तान भी शामिल थे। इसके अलावा प्रशासनिक अमले में आईएएस और पीसीएस संवर्ग के अधिकारियों को भी बड़े स्तर पर इधर से उधर किया गया है।
लगातार हो रहे इन तबादलों को राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। शासन का स्पष्ट संदेश है कि मुख्यालय से लेकर फील्ड तक प्रत्येक विंग में योग्य और परिणाम देने वाले अधिकारियों को ही जिम्मेदार पदों पर बैठाया जाएगा। इस ताजा फेरबदल के बाद आने वाले दिनों में कुछ अन्य जिलों के पुलिस कप्तानों और जोनल प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।