कानपुर में भाजपा नेता के फार्महाउस पर 32 लाख की लूट: सीएम योगी ने खुद तलब की रिपोर्ट...

कानपुर में भाजपा नेता के फार्महाउस पर 32 लाख की लूट: सीएम योगी ने खुद तलब की रिपोर्ट...

उत्तर प्रदेश के कानपुर में कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए बदमाशों ने भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव के फार्महाउस पर दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के नेवरी गांव स्थित फार्महाउस में घुसे नकाबपोश बदमाशों ने भाजपा नेता को बंधक बनाकर करीब 32 लाख रुपये के गहने, कीमती घड़ी और 12 लाख रुपये नकद लूट लिए। इस घटना के सामने आते ही पुलिस महकमे और शासन स्तर पर हड़कंप मच गया। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मामले में दखल दिया और कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से पूरी घटना की बिंदुवार रिपोर्ट तलब की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमिश्नर से ली रिपोर्ट

कानपुर की इस वारदात की गूंज लखनऊ तक पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त संदेश दिया। सीएम योगी ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से फोन पर सीधे बात की और पूछा कि इतनी बड़ी वारदात कैसे घटित हुई और स्थानीय स्तर पर गश्त व खुफिया तंत्र कहां चूक गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में अपराधियों को बख्शा न जाए और जल्द से जल्द पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर लूटी गई संपत्ति बरामद की जाए। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और नाराजगी के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और लापरवाही बरतने के आरोप में सेन पश्चिम पारा थाना प्रभारी (एसओ) प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

फार्महाउस की दीवार फांदकर घुसे थे नकाबपोश बदमाश

घटना के ब्योरे के मुताबिक, नेवरी गांव स्थित फार्महाउस में जब भाजपा नेता रमेश यादव रात के वक्त अकेले थे, तभी दो नकाबपोश बदमाश पिछली दीवार फांदकर भीतर दाखिल हुए। बदमाशों ने तमंचे और धारदार चाकू के बल पर उन्हें कब्जे में ले लिया। इसके बाद उनके हाथ-पैर बांध दिए गए और चिल्लाने से रोकने के लिए मुंह में कपड़ा ठूंसकर सेलो टेप चिपका दिया गया। बदमाशों ने रमेश यादव के शरीर से सोने की भारी चेन, कड़ा, अंगूठी और महंगी राडो घड़ी उतरवा ली। इसके बाद वे उन्हें घसीटते हुए बेडरूम में ले गए और अलमारी का ताला तोड़कर वहां रखे 12 लाख रुपये नकद समेट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश भाजपा नेता को बाथरूम में बंद कर दीवार फांदकर भाग निकले।

खुलासे के लिए 8 टीमें गठित, 35 हजार नंबरों की जांच

लूट की इस बड़ी वारदात के खुलासे के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने स्वाट, सर्विलांस और क्राइम ब्रांच समेत कुल 8 विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस ने घटनास्थल के मोबाइल टावरों का बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशन) डेटा डंप उठाया है, जिसमें उस समय अवधि के दौरान सक्रिय रहे 35 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों की गहन स्क्रूटनी की जा रही है। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में सक्रिय रहे दो दर्जन से अधिक शातिर लुटेरों और हाल ही में जेल से छूटे अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस ने अब तक 7 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिनमें भाजपा नेता के पूर्व कर्मचारी और सेवादार भी शामिल हैं।

पुलिस के सामने उलझे कई अहम सवाल

इस हाई-प्रोफाइल मामले की तफ्तीश में पुलिस कुछ तकनीकी और व्यावहारिक बिंदुओं की भी गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारियों के सामने पहला सवाल यह है कि घटना भाजपा नेता के साथ घटी तो तहरीर नेवरी के ग्राम प्रधान राम नरेश यादव की ओर से क्यों दी गई। दूसरा सवाल यह उठ रहा है कि रात 11:37 बजे बदमाश वारदात कर भागे और भाजपा नेता के हाथ-पैर बंधे थे व मुंह पर टेप लगा था, फिर भी महज पांच मिनट के भीतर यानी 11:42 बजे उन्होंने फोन कैसे कर दिया। पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़ते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक इनपुट्स के जरिए जांच को आगे बढ़ा रही है ताकि असल अपराधियों तक तेजी से पहुंचा जा सके।