सऊदी अरब में गहराया सुरक्षा संकट? रियाद के स्कूलों को 7 दिनों के लिए किया गया ऑनलाइन

सऊदी अरब में गहराया सुरक्षा संकट? रियाद के स्कूलों को 7 दिनों के लिए किया गया ऑनलाइन

मध्य पूर्व में जारी अशांति और भू-राजनीतिक तनाव का साया अब सऊदी अरब की राजधानी रियाद तक पहुंच गया है। यमन स्थित हूती विद्रोहियों की ओर से संभावित मिसाइल और लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के बढ़ते जोखिम को देखते हुए सऊदी अरब के सुरक्षा व नागरिक प्रशासन ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। रियाद प्रांत के शिक्षा महानिदेशालय ने छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राजधानी के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं को 7 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। इस दौरान पूरी शिक्षण प्रक्रिया 'मदरसती' (Madrasati) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऑनलाइन संचालित की जाएगी। प्रशासन के इस अचानक आए फैसले से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया बड़ा कदम

सऊदी शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय रक्षा और नागरिक सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक एहतियाती कदम है ताकि किसी भी आपातकालीन हवाई खतरे या सुरक्षा अलर्ट के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

निर्देशों के मुताबिक, प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के सभी स्कूलों के छात्रों को घर से ही कक्षाओं में शामिल होने को कहा गया है। इसके साथ ही, शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ को भी ऑनलाइन उपस्थिति और शिक्षण सामग्री की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। अभिभावकों को डिजिटल सिस्टम के जरिए रोजाना अपडेट्स भेजने की व्यवस्था की गई है ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

यमन से हूतियों का बढ़ता खतरा और एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट पर

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य टकराव चरम पर है। यमन में सक्रिय हूती विद्रोही लगातार आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों और 'कामिकेजे' ड्रोनों के जरिए सीमा पार सैन्य और बुनियादी ढांचा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की धमकियां दे रहे हैं। बीते दिनों में हूती नेताओं ने खुले तौर पर चेतावनी दी थी कि वे क्षेत्रीय तनाव के जवाब में अपने हमलों का दायरा बढ़ा सकते हैं।

हालांकि सऊदी अरब के पास अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Patriot Missile Defense) और मजबूत रडार नेटवर्क मौजूद है, जो पहले भी कई हवाई हमलों को हवा में ही नाकाम कर चुका है। फिर भी, मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के बाद गिरने वाले मलबे (Debris) से घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। इसी खतरे को न्यूनतम करने के लिए राजधानी में भीड़भाड़ वाले संस्थानों पर अस्थायी पाबंदियां लगाई गई हैं।

खाड़ी देशों में कूटनीतिक हलचल और वैश्विक बाजार पर नजर

रियाद में स्कूलों को ऑनलाइन किए जाने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों और वैश्विक ऊर्जा बाजारों का ध्यान भी खींचा है। सऊदी अरब दुनिया का प्रमुख तेल निर्यातक देश है और रियाद के ऊपर मंडराता कोई भी सुरक्षा खतरा सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार मार्गों को प्रभावित करता है।

सऊदी सरकार के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल किसी भी संभावित खतरे को विफल करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं। आगामी 7 दिनों के दौरान स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी और रक्षा एजेंसियों से हरी झंडी मिलने के बाद ही सामान्य कक्षाओं को दोबारा बहाल किया जाएगा।