एलन मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के लिए खोला खजाना: दिया ₹2600 करोड़ से अधिक का महादान, झूम उठे डोनाल्ड ट्रंप

एलन मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के लिए खोला खजाना: दिया ₹2600 करोड़ से अधिक का महादान, झूम उठे डोनाल्ड ट्रंप

दुनिया के सबसे धनी उद्योगपति, स्पेसएक्स और टेस्ला के सर्वेसर्वा एलन मस्क ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल वैश्विक उद्योग जगत के ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे ताकतवर सियासत के भी सबसे बड़े गेम-चेंजर हैं। अमेरिकी राजनीति के चुनावी अखाड़े में एलन मस्क ने अपने खजाने का मुंह इस कदर खोल दिया है कि जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषकों को भी दंग कर दिया है। मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े राजनीतिक समूहों को रिकॉर्ड तोड़ लगभग 276 मिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 2,600 करोड़ रुपये से अधिक) का चंदा दान किया है। अमेरिकी चुनाव आयोग और वित्तीय खुलासों (Federal Filings) से सामने आई इस विशालकाय फंडिंग की खबर के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पूरी रिपब्लिकन पार्टी में जश्न और उत्साह की लहर दौड़ गई है।

चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत चंदा: मस्क बने नंबर 1 डोनर

अमेरिकी राजनीति के इतिहास में किसी एक कारोबारी द्वारा इतने कम समय में किसी राजनीतिक दल या अभियान को दी गई यह अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय मदद मानी जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, मस्क द्वारा दिया गया यह अरबों रुपये का फंड सीधे तौर पर उनके द्वारा स्थापित 'अमेरिका पीएसी' (America PAC), 'मागा इंक' (MAGA Inc.) और रिपब्लिकन पार्टी की सीनेट व हाउस अभियानों से जुड़ी शीर्ष वित्तीय समितियों के खातों में पहुंचा है। इस ऐतिहासिक चंदे के साथ ही एलन मस्क अमेरिका के सबसे बड़े राजनीतिक दानदाता (Top Political Megadonor) के रूप में शीर्ष पायदान पर काबिज हो गए हैं। उन्होंने वॉल स्ट्रीट के तमाम पारंपरिक दिग्गजों और रूढ़िवादी अरबपतियों के पुराने वित्तीय रिकॉर्ड्स को बहुत पीछे छोड़ दिया है।

क्यों झूम उठे डोनाल्ड ट्रंप? 'आधुनिक युग का एडिसन' बताकर की तारीफ

मस्क के इस जबर्दस्त वित्तीय बैकअप के बाद डोनाल्ड ट्रंप की खुशी का ठिकाना नहीं है। ट्रंप ने अपनी चुनावी रैलियों और सार्वजनिक मंचों पर एलन मस्क के नेतृत्व और दूरदर्शिता की खुलकर सराहना की है। हाल ही में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने मस्क को 'आधुनिक युग का थॉमस एडिसन' करार देते हुए कहा कि मस्क केवल मंगल ग्रह पर जाने के सपने देखने वाले रॉकेट साइंटिस्ट नहीं हैं, बल्कि वे अमेरिका के भविष्य को सुरक्षित और महान बनाने की लड़ाई के सबसे मजबूत सिपाही हैं। ट्रंप कैंपेन के रणनीतिकारों का मानना है कि मस्क का यह फंड उन कड़े चुनावी मुकाबले वाले 'बैटलग्राउंड' और 'स्विंग' राज्यों में पासा पलटने के लिए काफी होगा, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी से कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।

जमीनी स्तर पर वोटर्स को साधने में खर्च हो रहा है यह पैसा

इतनी भारी भरकम धनराशि का इस्तेमाल केवल टीवी विज्ञापनों तक सीमित नहीं है, बल्कि मस्क की 'अमेरिका पीएसी' ने इसके जरिए अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा 'ग्राउंड ऑपरेशन्स' नेटवर्क खड़ा किया है। सूत्रों के मुताबिक, यह 2600 करोड़ रुपये मुख्य रूप से उन वोटर्स के घरों का दरवाजा खटखटाने (Door-to-door Canvassing), जमीनी स्तर पर डाटा एनालिटिक्स, स्मार्टफोन अभियानों और उन रूढ़िवादी मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने में झोंके जा रहे हैं, जो आम तौर पर चुनाव के दिन वोट डालने नहीं निकलते। मस्क ने इसके लिए शीर्ष राजनीतिक सलाहकारों की एक पूरी फौज तैनात की है, जो सीधे तकनीकी एल्गोरिदम के आधार पर मतदाताओं की पहचान कर उन्हें रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में लामबंद कर रही है।

सिलिकॉन वैली से वाशिंगटन तक: मस्क के राजनीतिक प्रभाव का विस्तार

एलन मस्क का यह आक्रामक राजनीतिक झुकाव वैश्विक टेक और कॉरपोरेट जगत में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। कभी खुद को राजनीतिक रूप से तटस्थ बताने वाले मस्क अब खुलकर दक्षिणपंथी और कंजर्वेटिव विचारों का समर्थन कर रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स क्रेडिट्स, स्पेसएक्स के विशालकाय रक्षा व नासा अनुबंध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भविष्य और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्वतंत्र अभिव्यक्ति के मुद्दे सीधे तौर पर अमेरिकी संघीय नीतियों से जुड़े हैं। विश्लेषकों का मानना है कि मस्क की यह भारी फंडिंग केवल एक राजनीतिक दल का समर्थन नहीं है, बल्कि अमेरिकी सरकार की भावी नियामक नीतियों (Regulations) में अपने बिजनेस साम्राज्य को मजबूत सुरक्षा चक्र प्रदान करने की एक बहुत ही सोची-समझी दूरगामी रणनीति है।

डेमोक्रेट्स खेमे में खलबली और निष्पक्षता पर उठते सवाल

दूसरी ओर, मस्क के इस महादान ने डेमोक्रेटिक पार्टी और उनके रणनीतिकारों के माथे पर पसीना ला दिया है। डेमोक्रेटिक खेमे के नेताओं ने आरोप लगाया है कि एक अकेला खरबपति अपनी बेहिसाब दौलत के दम पर लोकतंत्र और जनमत को खरीदने की कोशिश कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि जब कोई कॉर्पोरेट टाइकून किसी एक दल को इतना विशाल फंड देता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर गहरा सवालिया निशान खड़ा करता है। इसके बावजूद, कानूनी रूप से सुपर पीएसी के नियमों के दायरे में रहते हुए एलन मस्क ने जो वित्तीय दांव खेला है, उसने अमेरिकी चुनावी मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा गति प्रदान कर दी है और रिपब्लिकन खेमे को संसाधनों के मामले में सबसे शीर्ष पर लाकर खड़ा कर दिया है।